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Sunday, 8 January 2012

तुझे कितना प्यार किया ..

ऐ काश.. कोई एक माप होती,
जो बोल पाती की ..
दिल की गहराई क्या है
आंसुओं में दर्द कितना ..
और भावनाओं की ऊँचाई क्या है

उन गुलाबों की पंखुरियों में,
अभी भी प्यार की महक कितनी ..
और बस एक आवाज़ सुनने को,
मन की चहक  क्या है

कितनी हिम्मत लगती है,
उसकी डोली सजाने में - 2
क्या गुज़रती है...
आंशुओं की धार छुपाने में
बंद आँखों में नींद नहीं,
करवट बदल बस रात बिताने में

तो शायद  मैं  ये बता पाता
तुझे कितना प्यार किया .... -2

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